Surya Mandala Ashtakam Stotram (सूर्यमंडल अष्टक स्तोत्रम्)

 Surya Mandala Ashtakam Stotram का सुभारम्भ करेंगे । नमः सवित्रे जगदेकचक्षुषे जगत्प्रसूतिस्थितिनाश हेतवे । त्रयीमयाय त्रिगुणात्मधारिणे विरञ्चि नारायण शंकरात्मने ॥ १ ॥ यन्मडलं दीप्तिकरं विशालं रत्नप्रभं तीव्रमनादिरुपम् । दारिद्र्यदुःखक्षयकारणं च पुनातु मां तत्सवितुर्वरेण्यम् ॥ २…

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Srimad Divya Parshuram Ashtakam Stotram (श्रीमद् दिव्य परशुराम अष्टक स्तोत्र)

Srimad Divya Parshuram Ashtakam Stotram का सुभारम्भ करेंगे । ॥ श्रीमद्दिव्यपरशुरामाष्टकस्तोत्रम् ॥ ब्रह्मविष्णुमहेशसन्नुतपावनाङ्घ्रिसरोरुहं, नीलनीरजलोचनं हरिमाश्रितामरभूरुहम् । केशवं जगदीश्वरं त्रिगुणात्मकं परपूरुषं, पर्शुराममुपास्महे मम किङ्करिष्यति योऽपि वै ॥ १॥ अक्षयं कलुषापहं निरुपद्रवं…

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Shri Shiva Rudrashtakam Stotram (श्री शिव रुद्राष्टक स्तोत्र)

Shri Shiva Rudrashtakam Stotram का सुभारम्भ करेंगे । नमामीशमीशान निर्वाणरूपं। विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपं। निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं। चिदाकाशमाकाशवासं भजे हं॥1॥ निराकारमोंकारमूलं तुरीयं। गिरा ग्यान गोतीतमीशं गिरीशं। करालं महाकाल कालं कृपालं।…

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Shree Shiva Ramashtakam Stotram (श्री शिव रामा अष्टक स्तोत्रम्)

Shree Shiva Ramashtakam Stotram का सुभारम्भ करेंगे । शिव हरे शिव राम सखे प्रभो त्रिविधतापनिवारण हे प्रभो । अज जनेश्वर यादव पाहि मां शिव हरे विजयं कुरु मे वरम् ॥१॥ कमललोचन राम दयानिधे हर गुरो गजरक्षक…

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Shakambari Mata Ki Aarti

Shakambari Mata Ki Aarti का सुभारम्भ करेंगे । हरी ॐ श्री शाकुम्भरी अम्बा जी की आरती की जो। ऐसी अदभुत रूप ह्रदय धर लीजो॥ शताक्षी दयालु की आरती की जो। तुम परिपूर्ण आदि भवानी माँ, सब…

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Ganpati Ji Aarti

Ganpati Ji Aarti का सुभारम्भ करेंगे । सुख करता दुखहर्ता, वार्ता विघ्नाची नूर्वी पूर्वी प्रेम कृपा जयाची सर्वांगी सुन्दर उटी शेंदु राची कंठी झलके माल मुकताफळांची जय देव जय देव, जय मंगल मूर्ति दर्शनमात्रे मनःकमाना पूर्ति…

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Ganga Ma Ki Aarti

Ganga Ma Ki Aarti का सुभारम्भ करेंगे । हर हर गंगे, जय माँ गंगे, हर हर गंगे, जय माँ गंगे ॥ ॐ जय गंगे माता, श्री जय गंगे माता ।…

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Satyanarayan Ji Ki Aarti

Satyanarayan Ji Ki Aarti का सुभारम्भ करेंगे । ॐ जय लक्ष्मीरमणा स्वामी जय लक्ष्मीरमणा | सत्यनारायण स्वामी ,जन पातक हरणा || जय लक्ष्मीरमणा रत्नजडित सिंहासन , अद्भुत छवि राजें |…

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Surya Dev Ki Aarti

Surya Dev Ki Aarti का सुभारम्भ करेंगे । जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन। त्रिभुवन – तिमिर – निकन्दन, भक्त-हृदय-चन्दन॥ ॥ जय कश्यप-नन्दन  ॥ सप्त-अश्वरथ राजित, एक चक्रधारी। दु:खहारी, सुखकारी, मानस-मल-हारी॥…

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Bramha Dev Aarti

Bramha Dev Aarti  का सुभारम्भ करेंगे । पितु मातु सहायक स्वामी सखा , तुम ही एक नाथ हमारे हो। जिनके कुछ और आधार नहीं , तिनके तुम ही रखवारे हो…

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